Thursday, July 26, 2007

meediya ki दुनिया भी mazedaar है


मेहरबान, कद्रदान


जब दूसरो पर अंगुली उठानी शुरू की तो बुजुर्ग कह बैठे की बेटा बाक़ी की चार तो तुम्हारी ही तरफ इशारा कर रही है। अब मीडिया को ye बात कौन और कैसे समझाए? चलिये आनंद लेते हेँ कुछ खट्टी मीठी गलतियों का जो हमारे मीडिया के भैया और बहिने करते हें...


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