Wednesday, August 1, 2007

शोक संदेश भी खबर के रुप में ?


दोस्तों, कई बार रिपोर्टर की चालाकी से ऐसा मैटर भी खबर के रुप में छाप जाता है जिसे आम तौर पर विज्ञापन के रुप में ही देखा जाता है। किसने कहा की यदि जान पहचान में कोई स्वर्गवासी हो गया है तो पैसे खर्च कर शोक संदेश ही छपवाया जाये? थोडा सा दिमाग लगाया जाये तो ये बात खबर के रुप में भी छाप सकती है...पेश है एक उदाहरण...

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